सूरए नम्ल की आयत क्रमांक 32 व 33 का अनुवाद:
साम्राज्ञी ने कहा, हे सरदारो! मेरे मामले में मुझे परामर्श दो कि तुम्हारी उपस्थिति के बिना (अब तक) मैंने कोई (महत्वपूर्ण) काम नहीं किया है। उन्होंने कहा, हम शक्तिशाली हैं और हमें बड़ी युद्ध-क्षमता प्राप्त है। आगे मामले का अधिकार आपको है, अतः आप देख लें कि आपको क्या आदेश देना है।
संक्षिप्त टिप्पणी:
अंतिम फ़ैसला एक ही आदमी को करना चाहिए ताकि कार्यों में बिखराव न आने पाए।
इन आयतों से मिलने वाले पाठ:
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देश के संचालन के लिए सैन्य शक्ति और सामरिक संभावनाएं आवश्यक हैं अलबत्ता उसकी शर्त यह है कि वह घमंड और वर्चस्व प्रेम का कारण न बनें और सत्य स्वीकार करने में आड़े न आएं।
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सभी कार्यों विशेष कर सरकारी कामों में परामर्श, आवश्यक है लेकिन अंतिम फ़ैसला एक ही आदमी को करना चाहिए ताकि कार्यों में बिखराव न आने पाए।